यज्ञ: जीवन को सफल बनाने की आध्यात्मिक प्रक्रिया

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यज्ञ एक विशिष्ट वैज्ञानिक और आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिससे मनुष्य अपने जीवन को सफल बना सकता है। यज्ञ के माध्यम से आध्यात्मिक संपदा की भी प्राप्ति होती है। श्रीमद्भागवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने यज्ञ करने वालों को परमगति प्राप्त होने की बात कही है। संत प्रवर विज्ञानदेव जी महाराज कहते हैं यज्ञ भारतीय संस्कृति…

नई पीढ़ी को संस्कारों के साथ परिवार का महत्व भी बताएं

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संपादकीय मई 2023 परिवार ही हम सभी के जीवन का सबसे बड़ा आधार होता है। परिवार में हमारे माता-पिता, पति-पत्नी, भाई-बहन का प्रेम ही हमें जीवन में हर मुश्किल से लड़ने की ताकत देता है। हर रिश्ते का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व होता है। फिर चाहे अमीर हों या गरीब परिवार, सभी के जीवन में सबसे…

मध्यप्रदेश की अयोध्या ‘ओरछा धाम’

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 ‘राजा राम सरकार’ जहां परमप्रिय प्रजा के साथ विराजते हैं श्रीराम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्त्र नाम ततुल्यम श्री राम नाम वरानने।। इंट्रो मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, श्री हरि विष्णु के दस अवतारो में से सातवें अवतार हैं। सोलह गुणों, बारह कलाओं के स्वामीश्रीराम का जन्म लोक कल्याण और मानव जाति हेतु एक आदर्श प्रस्तुत…

‘परंपरा-महोत्सव’ के तहत तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में ‘शिव-शक्ति महायज्ञ’ संपन्न

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पांच दिनों में, 11 हवन कुंडों के माध्यम से 54 जोड़ों ने दी लाखों आहुतियां -अखिल भारतीय औदीच्य महासभा का दिव्य आयोजन -देश भर से सैकड़ों समाजजन ने की निशुल्क सहभागिता -अभा औदीच्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिवनारायण जी पटेल ने माना आभार इंदौर। अखिल भारतीय औदीच्य महासभा ने तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में ‘परंपरा महोत्सव’ के…

आ. भा. औदीच्य महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन

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इंदौर। अखिल भारतीय औदीच्य महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन हो गया है।  उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री व्ही.डी.ज्ञानी जी और पूर्व राज्यसभा सदस्य श्री रघुनंदन शर्मा जी को अखिल भारतीय औदीच्य महासभा का संरक्षक मनोनीत किया गया है। मप्र के पूर्व मंत्री श्री शिवनारायण जी जागीरदार (उज्जैन) को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, श्री मोहनलाल…

पुण्य पुरुष श्रद्धेय स्व. दयाशंकर जी व्यास

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कभी-कभी दुनिया में ऐसी दिव्य आत्माएं जन्म लेती हैं, जो लौट जाने के बाद भी हमारे भीतर ठहरी रहती हैं। उन्हें पाकर समय भी गर्व अनुभव करता है, मनुष्य और मनुष्यता निहाल हो जाते हैं। 93 वर्ष की सुदीर्घ आयु में प्रभु श्री राम के पावन चरणों में प्रस्थित दिवंगत दयाशंकर जी व्यास ऐसे ही…